रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में मौत को मात

चिकित्सकों की दिन-रात की मेहनत से बची मेहबूब की जिंदगी
हरिद्वार। महज 45 साल के एक व्यक्ति को मौत के मुँह से बाहर लाने में चिकित्सकों को सफलता मिली है। मेजर हार्ट अटैक के बाद चिकित्सकों की टीम ने दिन-रात मेहनत कर मौत को हरा दिया। युवक अब खतरे से बाहर है तथा उसने खाना-पीना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि ज्वालापुर निवासी 45 वर्षीय मेहबूब को हृदयाघात के बाद आपातकालीन स्थिति में बीती 24 सिंतबर को यहां रामकृष्ण मिशन चिकित्सालय में लाया गया था। मिशन चिकित्सालय के चिकित्सक स्वामी दयाधिपानंद ने बताया कि जिस वक्त मरीज को भर्ती किया गया वह गंभीर हालत में था। हृदयाघात में वैसे भी शुरुआती एक घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि डॉ. समरजीत चौधरी एवं उनकी टीम ने मेहबूब को सीपीआर ( कार्डियो पल्मोनरी रेससिटेशन) दिया गया जिसके चलते मरीज को बचाया जा सका। फिलहाल मेहबूब आईसीयू में है तथा खतरे से बाहर है। इस पूरे उपचार में चिकित्सकों एवं उनके स्टाफ ने कड़ी मेहनत की तथा उसी का नतीजा है जिसके चलते बिना किसी कॉम्प्लिकेशन के रोगी ठीक हो रहा है। आज उसे खाने के लिए दिया गया।

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