मिशन कोशिश के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी, शिक्षक खरे नही उतरे तो होगी ये कार्यवाही

हरिद्वार। राज्य के सरकारी स्कूलों में दो माह तक (अप्रैल-मई ) ‘मिशन कोशिश’ अभियान चलाया जा रहा है । यह अभियान कक्षा एक से 12वीं तक चलेगा। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी ने इस बावत निर्देश जारी करते हुए सभी जनपदों हेतु अधिकारियों की सूची भी जारी कर दी है। मिशन कोशिश के बाद छात्रों का मूल्यांकन होगा साथ ही शिक्षकों का भी। यदि परिणाम आशाजनक नही रहता तो शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षण कराया जाएगा।
मिशन कोशिश के तहत 2 अप्रैल से 19 मई तक कक्षा एक से 9 तक की कक्षाओं में विषयवार उपलब्ध कराए गए लर्निंग आउटकम पर आधारित गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। कक्षा दस से 12 तक विषय अध्यापक कक्षावार पूर्व की कक्षा की आधारभूत दक्षताओं, जो वर्तमान कक्षा में पढ़ाने जाने वाले सम्बोधों के लिए आवश्यक है या जिनमें छात्रों की सम्प्राप्ति कम है, उनकी पहचान कर शिक्षण कार्य करेंगे। 21 मई से 25 मई तक पढ़ाए गए सम्बोधों पर मूल्यांकन किया जाएगा। अप्रैल व मई में होने वाली मासिक परीक्षाएं उक्त शिक्षण कार्यो पर ही आधारित होंगी। ग्रीष्मावकाश में अध्यापक ऐसे सम्बोधों पर अभ्यास कार्य, गृह कार्य छात्रों को देंगे जिनमें उनकी सम्प्राप्ति कम रही है। छात्रों को दक्ष बनाने पर नैस, सी-स्लैस और मासिक मूल्यांकन के आधार पर अप्रैल व मई में छात्र-छात्राओं को गणित, हिंदी , अंग्रेजी, विज्ञान व ईवीएस के संबंध में जानकारी देना, अक्षरों की पहचान करना व पठन-पाठन को सुदृढ़ करने का प्रयास होगा। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अपने सेवित क्षेत्र के नोडल अधिकारी होंगे। प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय शनिवार को नियमित रूप से सेवित क्षेत्र के समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की शैक्षिक शंकाओं का समाधान किया जाएगा। प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को अभ्यास के माध्यम से अंग्रेजी सीखने व सिखाने पर बल दिया जाएगा। प्रत्येक त्रैमास के अंतिम शनिवार को छात्र-छात्राओं की प्रगति अभिभावकों से साझा की जाएगी। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दे दी गई है। समस्त 13 जनपदों के लिए नामित अधिकारी 10 अप्रैल को देहरादून में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग करेंगे। इसके बाद सभी अधिकारी अपने अपने जनपदों में इस कार्यक्रम की बागडौर संभालेंगे। हरिद्वार जनपद में स्वयं निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण श्रीमती सीमा जौनसारी एवं विशेसज्ञ सीमैट एम. एस. बिष्ट रहेंगे।

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