डी.एल.एड. प्रतिभागियों ने पीसीपी कक्षा में समझी शिक्षण की बारीकियां, जानिए पूरी खबर

State updates news Haridwar.            राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान के तत्वावधान में इन सर्विस टीचर्स के द्विवर्षीय डिप्लोमा इन लर्निंग एजुकेशन ( डीएलएड ) पाठ्क्रम की पीसीपी कक्षा के तहत आज भगतनपुर हाइस्कूल स्थित केंद्र पर प्रतिभागियों को शिक्षण की बारीकियों से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए केंद्र समन्वयक एवं राजकीय हाई स्कूल के प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी छात्र की नींव है। यदि नींव ही कामजोर होगी तो इमारत कभी मज़बूत नही बन सकती। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी जो खुद विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं इस पाठ्क्रम को पूर्ण मनोयोग से करें।

पीसीपी कक्षा के आठवे दिन आज विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। इस अवसर पर प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का महत्व, बहुस्तरीय एवं बहुकक्षा स्थितियों का प्रबंधन , शिक्षा में आईसीटी का प्रयोग, शिक्षण एवं अधिगम की विधियां, गणित शिक्षण का महत्व आदि पर चर्चा-परिचर्चा हुई। मुख्य संदर्भदाता डॉ. शिवा अग्रवाल ने प्रतिभागियों को आईसीटी के प्रयोग से संदर्भित बेस्ट प्रक्टिसेस को ई-कक्षा के जरिये प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षण में नवाचार करें तथा परंपरागत तरीके से हटकर बच्चों को शिक्षा दें। समूह परिचर्चा के जरिये शिक्षण एवं अधिगम पर प्रकाश डाला गया। आज की कक्षा में पर्यावरण अध्ययन को महती आवश्यकता बताते हुए इसके शिक्षण को कैसे रुचिकर बनाया जाए पर भी चर्चा हुई। बताते चलें कि केंद्र सरकार की ओर से इन दिनों सेवारत शिक्षकों को एनआईओएस के माध्यम से प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। जो अध्यापक विभिन्न स्कूलों में पढ़ा रहे हैं तथा बीएड नही है उनके लिए दो वर्षीय डीएलइड पाठ्क्रम करना अनिवार्य है जबकि जो अध्यापक बीएड हैं उनके लिए छह माह के ब्रिज कोर्स की सुविधा रहेगी। इस अवसर पर सन्दर्भदाता रवि कुमार गोस्वामी, शरद भारद्वाज, प्रवेंद्र सक्सेना सहित विभिन्न लोग उपस्थित रहे। कक्षा में प्रतिभागियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा चार्ट एवं अन्य माध्यमो से असाइनमेंट, केस स्टडी एवं स्कूल बेस एक्टिविटी के बारे में परिचर्चा की।

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